| पहलाः काबा की ओर मुँह करना |
| गलती से काबा के अलावा किसी और तरफ नमाज़ पढ़न& |
| दूसराः क़ियाम (खड़ा होना) |
| कश्ती (नाव) और हवाई जहाज़ में नमाज़ पढ़ने का ब |
| नमाज़ का कुछ भाग खड़े हो कर पढ़ना और कुछ बैठ क |
| जूता पहन कर नमाज़ पढ़ना |
| मिम्बर पर नमाज़ पढ़ना |
| नमाज़ी का अपने सामने सुत्रा रख कर और उस के क़ |
| सुत्रा की ऊंचाई की मात्रा |
| क़ब्र की ओर मुँह कर के नमाज़ पढ़ना हराम है |
| नमाजी के सामने से गुज़रना हराम है, चाहे वह मस |
| नमाज़ी का अपने सामने से गुज़रने वाले को रोक&# |
| गुज़रने वाले को रोकने के लिए आगे चल कर जाना |
| नमाज़ को काट देने वाली चीज़ों का बयान |
| तीसराः नीयत |
| चौथाः तकबीर |
| दोनों हाथों को उठाना और उस का तरीक़ा |
| दोनों हाथों को रखने का बयान और उस का तरीक़ा |
| हाथ रखने की जगह |
| खुशू व ख़ुज़ू और सजदह की जगह पर देखना |
| दुआउल इस्तिफ्ताह (नमाज़ को आरंभ करने की दुआ |
| पाँचवां : क़िराअत |
| सूरतुल फातिह़ा पढ़ने का बयान |
| मुक़तदी का सूरतुल फातिह़ा पढ़ना |
| सूरतुल फातिहा के बाद की क़िराअत |
| हर रक़अत में सूरतुल फातिह़ा पढ़ना |
| क़िराअत को बुलन्द और धीमी आवाज़ में करने का & |
| कुर्आन को तर्तील से (अर्थात ठहर ठहर कर) पढ़ना |
| इमाम को ग़लती पर सावधान करना (लुक़्मा देना) |
| छठाः रुकूअ़ का बयान |
| रुकू का तरीक़ा |
| अरकान को बराबर करने का बयान |
| रुकू से सीधा होना |
| सातवाँ : सज्दे का बयान |
| अपने दोनों हाथों के सहारे सज्दे में गिरना |
| सज्दे में इतमिनान |
| दोनों सज्दों के बीच बैठने का तरीक़ा एंव इक़&# |
| दूसरा सज्दा |
| जल्सा-ए- इस्तिराह़त का बयान |
| दूसरी रकअत का बयान |
| तशह्हुद के लिये बैठना |
| अंगुली को हिलाना और उस की तरफ देखना |
| तशह्हुद के शब्द और उस के बाद की दुआ |
| नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर सलाम |
| तीसरी और चौथी रक्अत का बयान |
| क़ुनूते नाज़िला और उस के पढ़ने की जगह का बया& |
| वित्र का क़ुनूत, उस की जगह और उस के शब्द |
| आखिरी तशह्हुद और तवर्रुक़ का बयान |
| नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर दुरूद पढ़न[1] |
| सलाम फेरने से पहले दुआ करना |
| सलाम फेरना |